लोकमान्य तिलक की जीवनी




परिचय
लोकमान्य तिलक का पूरा नाम ; - बाल गंगाधर तिलक (
                                    जन्म  -   23 जुलाई 1856 
                              जन्मस्थान - चिकल गांव , रत्नागिरी, महाराष्ट्र
                          पिता का नाम  - गंगाधर रामचन्द्र पंत 
                          माता का नाम - पार्वती बाई  गंगाधर 
                                 शिक्षा प्राप्त - बी.ए., एल. एल. बी 
                                    शादी की - सत्यभामा बाई  
                                अन्य नाम - बाल , लोकमान्य  
                             संगठन - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 
                           उपलब्धि - इंडियन होम रूल की स्थापना।

लोकमान्य तिलक का पूरा नाम बाल गंगाधर तिलक था। इनका जन्म 23 जुलाई 1856 को चिकलगांव के रत्नागिरी जिले   (महाराष्ट्र)   में हुआ।उनके अन्य नाम बाल गंगाधर तिलक और लोकमान्य तिलक था।  तिलक के पिता का नाम गंगाधर रामचंद्र पंत और माता का नाम  पार्वती बाई गंगाधर था। सन 1871 में लोकमान्य तिलक का विवाह   से हुआ। उनके पिता एक स्कूल में संस्कृत के सिक्छक  थे।  जब  तिलक 16 साल के थे तभी उनके पिता की मृत्यु हो गयी।

 तिलक आधुनिक कॉलेज  में  सिक्छा पाने वाले पहले भारतीय पीढ़ी के थे    उन्होंने 1879 में बी. ए स्नातक  और कानून की परीक्छा उत्तीर्ण की। जब तिलक ग्रेजुएट हुआ उसके बाद वे पुणे की एक प्राइवेट स्कूल में गणित पढ़ाने लगे।वे  एक समाज सुधारक, वकील और स्वतंत्रता सेनानी  थे उनका नारा  यह था  '' स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मै इसे लेकर रहूंगा '' जो बहुत प्रसिद्ध हुआ तब से लोगों  ने उन्हें आदर से लोकमान्य कह कर  सम्मानित किया।

  राजनीतिक जीवन 




लोकमान्य तिलक ने 2 दैनिक समाचार पत्र की शुरुआत   की जिनका  नाम मराठी में मराठा दर्पण और केसरी था और यह समाचार पत्र जनता में बहुत लोकप्रिय हुए।उन्होंने ब्रिटिश शासन की क्रूरता की और भारतीय संस्कृति को वापस लाने पर जोर दिया।   

तिलक ने केसरी में  लेखों को छापा जिसकी वजह से उन्हें जेल भेज दिया गया। उनका राजनीतिक जीवन काफी मजबूत और लम्बा रहा। वे भारत में स्वायत्तता निर्माण करना चाहते थे और ब्रिटिश कानून समाप्त करना चाहते थे। वे  1890 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े। 

तिलक ने बाल विवाह का जोरदार  से विरोध किया और पुनर्विवाह का समर्थन किया।उस समय के भारतीय इतिहास के  राजनीतिक नेता में से एक माने जाते थे  उस जमाने के सबसे बड़े राजनेता मानते थे। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि इंडियन होम रूल की स्थापना  करना। उनकी सबसे बड़ी विशेषता थी की वे अंग्रेजो के लिए भारतीय अशांति के जनक कहे जाते थे। 

तिलक ने राजनीतिक जीवन में बहुत सारे कार्य किये जो इस प्रकार है ; - 

 सन 1880 में  न्यू  इंग्लिश स्कूल की स्थापना की। 
 सन 1881 ने मराठा और केसरी नामक समाचार पत्र की शुरू की जो इंग्लिश  समाचार पत्र थी। 
सन 1884 में पुणे में डेक्कन एजुकेशन सोसइटी की स्थापना की। 
सन 1893  में  ओरायन नाम के किताब का प्रकाशन किया।
सन 1895 में मुंबई प्रांतीय विनियमन बोर्ड के लिए सभासद चुना गया।
 सन 1897 में लोकमान्य तिलक पर राजद्रोह का आरोप लगा दिया गया जिससे उन्हें डेढ साल की सजा सुनाई गयी। उस वक्त उन्होंने अपने बचाव के लिए जो भाषण दिए थे वह 4 दिन और 21 घंटे तक चला।
   सन  1903 में 'दि आर्क्टिक  होम इन द वेदाज' नाम के किताब का प्रकाशन हुआ।                                         
    सन 1905 में बंगाल विभाजन के विरोध में लेख लिखे जो लाल , बाल , पाल तिगड़ी का जन्म।
सन 1909  मांडले जेल में गीता रहस्य नामक  किताब लिखी.  
सन 1914 में तिलक की स्वदेश वापसी हुई।
सन 1916 में स्वदेशी के लिए होमरूल लीग की स्थापना  की।  


लोकमान्य तिलक की मृत्यु 1 अगस्त 1920 को मुंबई में हुई।